पंचांग के पाँच अंग
तिथिएकादशी · 10:16 pm तक
द्वादशी · 9:40 pm (रवि) तक
नक्षत्रआश्लेषा · 5:07 am (रवि) तक
मघा · 5:18 am (रवि) तक
योगसुकर्मा · 10:36 am तक
धृति · 8:49 am (रवि) तक
करणवणिज · 10:43 am तक
विष्टि · 10:16 pm तक
बव · 9:55 am (रवि) तक
वारशनिवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:57 am – 6:43 am
प्रातः सन्ध्या6:20 am – 7:30 am
गुलिक काल7:30 am – 9:03 am
दुर्मुहूर्त7:30 am – 8:19 am
दुर्मुहूर्त8:19 am – 9:09 am
राहु काल10:36 am – 12:09 pm
भद्रा10:43 am – 10:16 pm
अभिजित मुहूर्त1:17 pm – 2:07 pm
यमगण्ड3:15 pm – 4:49 pm
विजय मुहूर्त3:46 pm – 4:36 pm
वर्ज्य6:01 pm – 7:36 pm
गोधूलि मुहूर्त7:55 pm – 8:18 pm
सायाह्न सन्ध्या7:55 pm – 9:04 pm
निशिता मुहूर्त1:19 am – 2:05 am (रवि)
अमृत काल3:32 am – 5:07 am (रवि)
आज और
चन्द्राष्टमधनु, 5:07 am (रवि) तक
मकर
चन्द्र बलचन्द्र कर्क में, 5:07 am (रवि) तक — शुभ: वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
चन्द्र सिंह में, 5:07 am (रवि) से — शुभ: मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन
तारा बलचन्द्र आश्लेषा में, 5:07 am (रवि) तक — शुभ: अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र मघा में, 5:07 am (रवि) से — शुभ: भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासचैत्र
तमिल तिथिपंगुनि 15, विश्वावसु
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083