पंचांग के पाँच अंग
तिथिदशमी · 10:39 am तक
एकादशी · 8:44 am (रवि) तक
नक्षत्रअश्विनी · 3:25 am (रवि) तक
भरणी · 1:38 am (रवि) तक
योगपरिघ · 8:40 pm तक
शिव · 5:37 pm (रवि) तक
करणगर · 10:39 am तक
वणिज · 9:48 pm तक
विष्टि · 8:44 am (रवि) तक
वारशनिवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:14 am – 6:14 am
प्रातः सन्ध्या5:44 am – 7:13 am
गुलिक काल7:13 am – 8:22 am
दुर्मुहूर्त7:13 am – 7:50 am
दुर्मुहूर्त7:50 am – 8:26 am
राहु काल9:30 am – 10:39 am
अभिजित मुहूर्त11:29 am – 12:06 pm
यमगण्ड12:56 pm – 2:04 pm
विजय मुहूर्त1:19 pm – 1:55 pm
गोधूलि मुहूर्त4:21 pm – 4:51 pm
सायाह्न सन्ध्या4:21 pm – 5:51 pm
अमृत काल8:32 pm – 10:04 pm
भद्रा9:48 pm – 7:14 am (रवि)
निशिता मुहूर्त11:18 pm – 12:17 am (रवि)
वर्ज्य11:36 pm – 1:08 am (रवि)
आज और
चन्द्राष्टमकन्या
चन्द्र बलचन्द्र मेष में — शुभ: मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ
तारा बलचन्द्र अश्विनी में, 3:25 am (रवि) तक — शुभ: भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र भरणी में, 3:25 am (रवि) से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासमार्गशीर्ष
तमिल तिथिमार्गऴि 4, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083