पंचांग के पाँच अंग
तिथितृतीया · 3:51 pm तक
चतुर्थी · 1:04 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रपुनर्वसु · 11:43 am तक
पुष्य · 9:37 am (शुक्र) तक
योगब्रह्म · 12:12 pm तक
इन्द्र · 8:40 am (शुक्र) तक
करणविष्टि · 3:51 pm तक
बव · 2:27 am (शुक्र) तक
बालव · 1:04 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:33 am – 6:22 am
प्रातः सन्ध्या5:57 am – 7:10 am
यमगण्ड7:10 am – 8:39 am
भद्रा7:10 am – 3:51 pm
अमृत काल9:32 am – 10:59 am
गुलिक काल10:09 am – 11:39 am
दुर्मुहूर्त11:09 am – 11:56 am
अभिजित मुहूर्त12:44 pm – 1:32 pm
राहु काल2:38 pm – 4:07 pm
विजय मुहूर्त3:08 pm – 3:55 pm
दुर्मुहूर्त3:55 pm – 4:43 pm
वर्ज्य7:01 pm – 8:28 pm
गोधूलि मुहूर्त7:06 pm – 7:31 pm
सायाह्न सन्ध्या7:06 pm – 8:19 pm
निशिता मुहूर्त12:44 am – 1:32 am (शुक्र)
अमृत काल3:47 am – 5:14 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमधनु
चन्द्र बलचन्द्र कर्क में — शुभ: वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
तारा बलचन्द्र पुनर्वसु में, 11:43 am तक — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र पुष्य में, 11:43 am से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासमार्गशीर्ष
तमिल तिथिकार्तिगै 30, प्लवंग
संवत्सरशक 1949 · विक्रम 2084