पंचांग के पाँच अंग
तिथिअष्टमी · 6:19 am तक
नवमी · 4:37 am (शुक्र) तक
दशमी · 3:16 am (शुक्र) तक
नक्षत्रआर्द्रा · 10:49 am तक
पुनर्वसु · 9:54 am (शुक्र) तक
योगशोभन · 7:01 pm तक
अतिगण्ड · 4:40 pm (शुक्र) तक
करणबव · 6:19 am तक
बालव · 5:25 pm तक
कौलव · 4:37 am (शुक्र) तक
तैतिल · 3:54 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:21 am – 5:07 am
प्रातः सन्ध्या4:44 am – 5:53 am
यमगण्ड5:53 am – 7:27 am
गुलिक काल9:01 am – 10:36 am
दुर्मुहूर्त10:04 am – 10:55 am
आडल योग10:49 am – 5:50 am (शुक्र)
अभिजित मुहूर्त11:45 am – 12:35 pm
राहु काल1:45 pm – 3:19 pm
विजय मुहूर्त2:16 pm – 3:06 pm
दुर्मुहूर्त3:06 pm – 3:57 pm
गोधूलि मुहूर्त6:28 pm – 6:51 pm
सायाह्न सन्ध्या6:28 pm – 7:36 pm
वर्ज्य10:21 pm – 11:54 pm
निशिता मुहूर्त11:46 pm – 12:32 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमवृश्चिक, 4:06 am (शुक्र) तक
धनु
चन्द्र बलचन्द्र मिथुन में, 4:06 am (शुक्र) तक — शुभ: मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चन्द्र कर्क में, 4:06 am (शुक्र) से — शुभ: वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
तारा बलचन्द्र आर्द्रा में, 10:49 am तक — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र पुनर्वसु में, 10:49 am से — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासचैत्र
तमिल तिथिपंगुनि 12, विश्वावसु
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083