पंचांग के पाँच अंग
तिथितृतीया · 12:39 pm तक
चतुर्थी · 3:12 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रज्येष्ठा · 8:49 am तक
मूल · 11:47 am (शुक्र) तक
योगसुकर्मा · 10:56 pm तक
धृति · 11:52 pm (शुक्र) तक
करणगर · 12:39 pm तक
वणिज · 1:54 am (शुक्र) तक
विष्टि · 3:12 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:20 am – 6:20 am
प्रातः सन्ध्या5:50 am – 7:21 am
यमगण्ड7:21 am – 8:28 am
विडाल योग7:21 am – 8:49 am
गुलिक काल9:34 am – 10:41 am
दुर्मुहूर्त10:19 am – 10:54 am
अभिजित मुहूर्त11:30 am – 12:06 pm
राहु काल12:55 pm – 2:01 pm
विजय मुहूर्त1:17 pm – 1:53 pm
दुर्मुहूर्त1:53 pm – 2:28 pm
गोधूलि मुहूर्त4:15 pm – 4:45 pm
सायाह्न सन्ध्या4:15 pm – 5:46 pm
वर्ज्य5:48 pm – 7:36 pm
निशिता मुहूर्त11:19 pm – 12:19 am (शुक्र)
भद्रा1:54 am – 7:23 am (शुक्र)
अमृत काल4:35 am – 6:23 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टममेष, 8:49 am तक
वृषभ
चन्द्र बलचन्द्र वृश्चिक में, 8:49 am तक — शुभ: वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ
चन्द्र धनु में, 8:49 am से — शुभ: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
तारा बलचन्द्र ज्येष्ठा में, 8:49 am तक — शुभ: अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र मूल में, 8:49 am से — शुभ: भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासकार्तिक
तमिल तिथिऐप्पसि 27, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083