पंचांग के पाँच अंग
तिथिद्वादशी · 8:16 pm तक
त्रयोदशी · 10:22 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रज्येष्ठा · 5:47 am (शुक्र) तक
मूल · पूरे दिन
योगवृद्धि · 8:37 pm तक
ध्रुव · 9:06 pm (शुक्र) तक
करणकौलव · 7:06 am तक
तैतिल · 8:16 pm तक
गर · 9:22 am (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:59 am – 5:49 am
प्रातः सन्ध्या5:24 am – 6:38 am
यमगण्ड6:38 am – 8:05 am
वर्ज्य9:18 am – 11:04 am
गुलिक काल9:32 am – 10:59 am
दुर्मुहूर्त10:30 am – 11:17 am
अभिजित मुहूर्त12:03 pm – 12:50 pm
राहु काल1:53 pm – 3:21 pm
विजय मुहूर्त2:22 pm – 3:09 pm
दुर्मुहूर्त3:09 pm – 3:55 pm
गोधूलि मुहूर्त6:15 pm – 6:39 pm
सायाह्न सन्ध्या6:15 pm – 7:29 pm
अमृत काल7:59 pm – 9:46 pm
निशिता मुहूर्त12:02 am – 12:51 am (शुक्र)
विडाल योग5:47 am – 6:38 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टममेष, 5:47 am (शुक्र) तक
वृषभ
चन्द्र बलचन्द्र वृश्चिक में, 5:47 am (शुक्र) तक — शुभ: वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ
चन्द्र धनु में, 5:47 am (शुक्र) से — शुभ: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
तारा बलचन्द्र ज्येष्ठा में, 5:47 am (शुक्र) तक — शुभ: अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र मूल में, 5:47 am (शुक्र) से — शुभ: भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासपौष
तमिल तिथितै 2, विश्वावसु
संवत्सरशक 1947 · विक्रम 2082