पंचांग के पाँच अंग
तिथिनवमी · 12:36 pm तक
दशमी · 12:45 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रशतभिषा · 11:40 am तक
पूर्वा भाद्रपद · 12:26 pm (शुक्र) तक
योगव्याघात · 1:12 pm तक
हर्षण · 12:10 pm (शुक्र) तक
करणकौलव · 12:36 pm तक
तैतिल · 12:47 am (शुक्र) तक
गर · 12:45 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:39 am – 5:18 am
प्रातः सन्ध्या4:58 am – 5:57 am
यमगण्ड5:57 am – 7:44 am
विडाल योग5:57 am – 11:40 am
गुलिक काल9:31 am – 11:18 am
दुर्मुहूर्त10:42 am – 11:40 am
अभिजित मुहूर्त12:37 pm – 1:34 pm
राहु काल2:52 pm – 4:39 pm
विजय मुहूर्त3:28 pm – 4:25 pm
दुर्मुहूर्त4:25 pm – 5:22 pm
वर्ज्य6:16 pm – 7:55 pm
गोधूलि मुहूर्त8:13 pm – 8:33 pm
सायाह्न सन्ध्या8:13 pm – 9:12 pm
निशिता मुहूर्त12:45 am – 1:24 am (शुक्र)
अमृत काल4:11 am – 5:50 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमकर्क
चन्द्र बलचन्द्र कुम्भ में — शुभ: मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ
तारा बलचन्द्र शतभिषा में, 11:40 am तक — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र पूर्वा भाद्रपद में, 11:40 am से — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासकार्तिक
तमिल तिथिकार्तिगै 3, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083