पंचांग के पाँच अंग
तिथिअमावस्या · 4:28 pm तक
प्रतिपदा · 2:14 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रभरणी · 1:18 am (शुक्र) तक
कृत्तिका · 11:42 pm (शुक्र) तक
योगआयुष्मान · 11:47 am तक
सौभाग्य · 8:57 am (शुक्र) तक
करणचतुष्पद · 5:26 am तक
नाग · 4:28 pm तक
किंस्तुघ्न · 3:24 am (शुक्र) तक
बव · 2:14 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त3:46 am – 4:31 am
प्रातः सन्ध्या4:08 am – 5:15 am
यमगण्ड5:15 am – 6:52 am
गुलिक काल8:29 am – 10:06 am
दुर्मुहूर्त9:34 am – 10:25 am
अभिजित मुहूर्त11:17 am – 12:09 pm
वर्ज्य11:38 am – 1:09 pm
राहु काल1:20 pm – 2:57 pm
विजय मुहूर्त1:52 pm – 2:44 pm
दुर्मुहूर्त2:44 pm – 3:36 pm
गोधूलि मुहूर्त6:11 pm – 6:33 pm
सायाह्न सन्ध्या6:11 pm – 7:17 pm
अमृत काल8:44 pm – 10:16 pm
निशिता मुहूर्त11:21 pm – 12:05 am (शुक्र)
आडल योग1:18 am – 5:14 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमकन्या
चन्द्र बलचन्द्र मेष में — शुभ: मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ
तारा बलचन्द्र भरणी में, 1:18 am (शुक्र) तक — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र कृत्तिका में, 1:18 am (शुक्र) से — शुभ: भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासचैत्र
तमिल तिथिचित्तिरै 23, प्लवंग
संवत्सरशक 1949 · विक्रम 2084