पंचांग के पाँच अंग
तिथिषष्ठी · 2:54 am (रवि) तक
सप्तमी · 5:01 am (रवि) तक
नक्षत्रचित्रा · 2:28 am (रवि) तक
स्वाती · 5:02 am (रवि) तक
योगशूल · 11:40 pm तक
गण्ड · 12:08 am (रवि) तक
करणगर · 2:02 pm तक
वणिज · 2:54 am (रवि) तक
विष्टि · 3:54 pm (रवि) तक
वारशनिवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:02 am – 5:51 am
प्रातः सन्ध्या5:26 am – 6:40 am
गुलिक काल6:40 am – 8:08 am
दुर्मुहूर्त6:40 am – 7:27 am
दुर्मुहूर्त7:27 am – 8:14 am
वर्ज्य9:05 am – 10:49 am
राहु काल9:36 am – 11:03 am
अभिजित मुहूर्त12:08 pm – 12:54 pm
यमगण्ड1:59 pm – 3:26 pm
विजय मुहूर्त2:28 pm – 3:15 pm
गोधूलि मुहूर्त6:22 pm – 6:46 pm
सायाह्न सन्ध्या6:22 pm – 7:35 pm
अमृत काल7:31 pm – 9:15 pm
निशिता मुहूर्त12:06 am – 12:56 am (रवि)
विडाल योग2:28 am – 6:40 am (रवि)
भद्रा2:54 am – 6:40 am (रवि)
आज और
चन्द्राष्टमकुम्भ, 1:21 pm तक
मीन
चन्द्र बलचन्द्र कन्या में, 1:21 pm तक — शुभ: मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
चन्द्र तुला में, 1:21 pm से — शुभ: मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
तारा बलचन्द्र चित्रा में, 2:28 am (रवि) तक — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र स्वाती में, 2:28 am (रवि) से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासमाघ
तमिल तिथितै 25, विश्वावसु
संवत्सरशक 1947 · विक्रम 2082