पंचांग के पाँच अंग
तिथिअमावस्या · 5:21 pm तक
प्रतिपदा · 2:11 pm (शनि) तक
नक्षत्ररेवती · 12:02 pm तक
अश्विनी · 9:42 am (शनि) तक
योगवैधृति · 7:22 am तक
विष्कम्भ · 3:45 am (शनि) तक
प्रीति · 11:56 pm (शनि) तक
करणचतुष्पद · 6:50 am तक
नाग · 5:21 pm तक
किंस्तुघ्न · 3:48 am (शनि) तक
बव · 2:11 pm (शनि) तक
वारशुक्रवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:32 am – 5:18 am
प्रातः सन्ध्या4:55 am – 6:04 am
आडल योग6:04 am – 12:02 pm
गुलिक काल7:37 am – 9:10 am
दुर्मुहूर्त8:33 am – 9:23 am
अमृत काल9:50 am – 11:18 am
राहु काल10:44 am – 12:17 pm
अभिजित मुहूर्त11:52 am – 12:41 pm
दुर्मुहूर्त12:41 pm – 1:31 pm
विजय मुहूर्त2:21 pm – 3:10 pm
यमगण्ड3:23 pm – 4:56 pm
गोधूलि मुहूर्त6:29 pm – 6:52 pm
सायाह्न सन्ध्या6:29 pm – 7:38 pm
निशिता मुहूर्त11:53 pm – 12:39 am (शनि)
अमृत काल3:12 am – 4:39 am (शनि)
आज और
चन्द्राष्टमसिंह, 12:02 pm तक
कन्या
चन्द्र बलचन्द्र मीन में, 12:02 pm तक — शुभ: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन
चन्द्र मेष में, 12:02 pm से — शुभ: मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ
तारा बलचन्द्र रेवती में, 12:02 pm तक — शुभ: अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र अश्विनी में, 12:02 pm से — शुभ: भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलपश्चिम, उपाय गुड़
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासचैत्र
तमिल तिथिचित्तिरै 4, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083