पंचांग के पाँच अंग
तिथिपंचमी · 5:00 pm तक
षष्ठी · 5:51 pm (मंगल) तक
नक्षत्रचित्रा · 4:58 am (मंगल) तक
स्वाती · पूरे दिन
योगशुभ · 3:29 am (मंगल) तक
शुक्ल · 3:22 am (मंगल) तक
करणबालव · 5:00 pm तक
कौलव · 5:20 am (मंगल) तक
तैतिल · 5:51 pm (मंगल) तक
वारसोमवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:34 am – 5:20 am
प्रातः सन्ध्या4:57 am – 6:06 am
विडाल योग6:06 am – 7:58 am
राहु काल7:40 am – 9:14 am
यमगण्ड10:47 am – 12:21 pm
अभिजित मुहूर्त11:56 am – 12:46 pm
वर्ज्य12:13 pm – 1:54 pm
दुर्मुहूर्त12:46 pm – 1:36 pm
गुलिक काल1:55 pm – 3:28 pm
विजय मुहूर्त2:26 pm – 3:16 pm
दुर्मुहूर्त3:16 pm – 4:06 pm
गोधूलि मुहूर्त6:36 pm – 6:59 pm
सायाह्न सन्ध्या6:36 pm – 7:45 pm
अमृत काल10:16 pm – 11:57 pm
निशिता मुहूर्त11:58 pm – 12:44 am (मंगल)
विडाल योग4:58 am – 6:06 am (मंगल)
आज और
चन्द्राष्टमकुम्भ, 4:19 pm तक
मीन
चन्द्र बलचन्द्र कन्या में, 4:19 pm तक — शुभ: मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
चन्द्र तुला में, 4:19 pm से — शुभ: मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
तारा बलचन्द्र चित्रा में, 4:58 am (मंगल) तक — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र स्वाती में, 4:58 am (मंगल) से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासश्रावण
तमिल तिथिआवणि 1, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083