पंचांग के पाँच अंग
तिथिचतुर्थी · 3:17 am (रवि) तक
पंचमी · 5:46 am (रवि) तक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · 4:42 pm तक
श्रवण · 7:42 pm (रवि) तक
योगध्रुव · 10:44 pm तक
व्याघात · 11:34 pm (रवि) तक
करणवणिज · 1:58 pm तक
विष्टि · 3:17 am (रवि) तक
बव · 4:34 pm (रवि) तक
वारशनिवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:44 am – 6:46 am
प्रातः सन्ध्या6:15 am – 7:48 am
गुलिक काल7:48 am – 8:52 am
दुर्मुहूर्त7:48 am – 8:22 am
दुर्मुहूर्त8:22 am – 8:56 am
अमृत काल9:28 am – 11:16 am
राहु काल9:55 am – 10:59 am
अभिजित मुहूर्त11:46 am – 12:20 pm
यमगण्ड1:06 pm – 2:10 pm
विजय मुहूर्त1:27 pm – 2:01 pm
भद्रा1:58 pm – 3:17 am (रवि)
गोधूलि मुहूर्त4:17 pm – 4:48 pm
सायाह्न सन्ध्या4:17 pm – 5:50 pm
विडाल योग4:42 pm – 7:49 am (रवि)
वर्ज्य9:12 pm – 11:00 pm
निशिता मुहूर्त11:32 pm – 12:34 am (रवि)
आज और
चन्द्राष्टममिथुन
चन्द्र बलचन्द्र मकर में — शुभ: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
तारा बलचन्द्र उत्तराषाढ़ा में, 4:42 pm तक — शुभ: भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र श्रवण में, 4:42 pm से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासमार्गशीर्ष
तमिल तिथिकार्तिगै 27, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083