पंचांग के पाँच अंग
तिथिचतुर्थी · 9:10 am तक
पंचमी · 6:27 am (रवि) तक
षष्ठी · 4:16 am (रवि) तक
नक्षत्रपुनर्वसु · 3:20 pm तक
पुष्य · 1:29 pm (रवि) तक
योगशुक्ल · 10:47 pm तक
ब्रह्म · 7:38 pm (रवि) तक
करणबालव · 9:10 am तक
कौलव · 7:45 pm तक
तैतिल · 6:27 am (रवि) तक
गर · 5:17 pm (रवि) तक
वारशनिवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:15 am – 6:02 am
प्रातः सन्ध्या5:39 am – 6:50 am
गुलिक काल6:50 am – 8:21 am
दुर्मुहूर्त6:50 am – 7:39 am
दुर्मुहूर्त7:39 am – 8:27 am
राहु काल9:51 am – 11:22 am
अभिजित मुहूर्त12:28 pm – 1:16 pm
अमृत काल1:10 pm – 2:36 pm
यमगण्ड2:22 pm – 3:53 pm
विजय मुहूर्त2:52 pm – 3:41 pm
विडाल योग3:20 pm – 6:51 am (रवि)
गोधूलि मुहूर्त6:54 pm – 7:17 pm
सायाह्न सन्ध्या6:54 pm – 8:05 pm
वर्ज्य10:43 pm – 12:11 am (रवि)
निशिता मुहूर्त12:28 am – 1:16 am (रवि)
आज और
चन्द्राष्टमवृश्चिक, 9:52 am तक
धनु
चन्द्र बलचन्द्र मिथुन में, 9:52 am तक — शुभ: मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चन्द्र कर्क में, 9:52 am से — शुभ: वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
तारा बलचन्द्र पुनर्वसु में, 3:20 pm तक — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र पुष्य में, 3:20 pm से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासकार्तिक
तमिल तिथिकार्तिगै 12, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083