पंचांग के पाँच अंग
तिथिदशमी · 2:00 am (रवि) तक
एकादशी · 4:19 am (रवि) तक
नक्षत्रज्येष्ठा · 2:49 pm तक
मूल · 5:44 pm (रवि) तक
योगविष्कम्भ · 6:14 am (रवि) तक
प्रीति · पूरे दिन
करणतैतिल · 12:48 pm तक
गर · 2:00 am (रवि) तक
वणिज · 3:11 pm (रवि) तक
वारशनिवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:49 am – 5:34 am
प्रातः सन्ध्या5:11 am – 6:19 am
गुलिक काल6:19 am – 7:54 am
दुर्मुहूर्त6:19 am – 7:10 am
आडल योग6:19 am – 2:49 pm
दुर्मुहूर्त7:10 am – 8:01 am
राहु काल9:30 am – 11:05 am
अभिजित मुहूर्त12:16 pm – 1:06 pm
यमगण्ड2:17 pm – 3:52 pm
विजय मुहूर्त2:48 pm – 3:39 pm
विडाल योग2:49 pm – 6:19 am (रवि)
गोधूलि मुहूर्त7:03 pm – 7:26 pm
सायाह्न सन्ध्या7:03 pm – 8:11 pm
वर्ज्य11:47 pm – 1:35 am (रवि)
निशिता मुहूर्त12:19 am – 1:04 am (रवि)
आज और
चन्द्राष्टममेष, 2:49 pm तक
वृषभ
चन्द्र बलचन्द्र वृश्चिक में, 2:49 pm तक — शुभ: वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ
चन्द्र धनु में, 2:49 pm से — शुभ: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
तारा बलचन्द्र ज्येष्ठा में, 2:49 pm तक — शुभ: अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र मूल में, 2:49 pm से — शुभ: भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासश्रावण
तमिल तिथिआवणि 6, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083