पंचांग के पाँच अंग
तिथिद्वादशी · 6:14 pm तक
त्रयोदशी · 3:23 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रकृत्तिका · 7:31 pm तक
रोहिणी · 5:26 pm (शुक्र) तक
योगशूल · 2:50 am (शुक्र) तक
गण्ड · 11:17 pm (शुक्र) तक
करणकौलव · 7:27 am तक
तैतिल · 6:14 pm तक
गर · 4:53 am (शुक्र) तक
वणिज · 3:23 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:35 am – 5:17 am
प्रातः सन्ध्या4:56 am – 6:00 am
यमगण्ड6:00 am – 7:40 am
वर्ज्य8:16 am – 9:46 am
गुलिक काल9:21 am – 11:01 am
दुर्मुहूर्त10:28 am – 11:22 am
अभिजित मुहूर्त12:15 pm – 1:09 pm
राहु काल2:22 pm – 4:03 pm
विजय मुहूर्त2:56 pm – 3:50 pm
दुर्मुहूर्त3:50 pm – 4:43 pm
अमृत काल5:16 pm – 6:46 pm
गोधूलि मुहूर्त7:24 pm – 7:45 pm
सायाह्न सन्ध्या7:24 pm – 8:28 pm
विडाल योग7:31 pm – 6:00 am (शुक्र)
निशिता मुहूर्त12:21 am – 1:03 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमतुला
चन्द्र बलचन्द्र वृषभ में — शुभ: वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
तारा बलचन्द्र कृत्तिका में, 7:31 pm तक — शुभ: भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र रोहिणी में, 7:31 pm से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासज्येष्ठ
तमिल तिथिआनि 17, प्लवंग
संवत्सरशक 1949 · विक्रम 2084