पंचांग के पाँच अंग
तिथिपंचमी · 6:10 pm तक
षष्ठी · 8:17 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रधनिष्ठा · 2:21 pm तक
शतभिषा · 5:06 pm (शुक्र) तक
योगविष्कम्भ · 11:05 am तक
प्रीति · 11:56 am (शुक्र) तक
करणतैतिल · 6:10 pm तक
गर · 7:17 am (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त3:47 am – 4:28 am
प्रातः सन्ध्या4:07 am – 5:08 am
यमगण्ड5:08 am – 6:52 am
गुलिक काल8:36 am – 10:19 am
दुर्मुहूर्त9:45 am – 10:40 am
अभिजित मुहूर्त11:35 am – 12:31 pm
राहु काल1:47 pm – 3:30 pm
विडाल योग2:21 pm – 5:09 am (शुक्र)
विजय मुहूर्त2:21 pm – 3:17 pm
दुर्मुहूर्त3:17 pm – 4:12 pm
गोधूलि मुहूर्त6:58 pm – 7:18 pm
सायाह्न सन्ध्या6:58 pm – 7:59 pm
वर्ज्य10:22 pm – 12:09 am (शुक्र)
निशिता मुहूर्त11:43 pm – 12:24 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमकर्क
चन्द्र बलचन्द्र कुम्भ में — शुभ: मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ
तारा बलचन्द्र धनिष्ठा में, 2:21 pm तक — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
चन्द्र शतभिषा में, 2:21 pm से — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासआषाढ़
तमिल तिथिआनि 10, प्लवंग
संवत्सरशक 1949 · विक्रम 2084