पंचांग के पाँच अंग
तिथिपंचमी · 10:05 am तक
षष्ठी · 7:45 am (शुक्र) तक
नक्षत्ररोहिणी · 1:57 am (शुक्र) तक
मृगशिरा · 12:25 am (शुक्र) तक
योगसिद्धि · 6:48 pm तक
व्यतीपात · 3:47 pm (शुक्र) तक
करणतैतिल · 10:05 am तक
गर · 8:55 pm तक
वणिज · 7:45 am (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त3:49 am – 4:37 am
प्रातः सन्ध्या4:13 am – 5:25 am
यमगण्ड5:25 am – 6:55 am
विडाल योग5:25 am – 1:57 am (शुक्र)
गुलिक काल8:24 am – 9:54 am
दुर्मुहूर्त9:24 am – 10:11 am
अभिजित मुहूर्त10:59 am – 11:47 am
राहु काल12:52 pm – 2:22 pm
विजय मुहूर्त1:22 pm – 2:10 pm
दुर्मुहूर्त2:10 pm – 2:57 pm
गोधूलि मुहूर्त5:20 pm – 5:45 pm
सायाह्न सन्ध्या5:20 pm – 6:33 pm
वर्ज्य6:29 pm – 7:58 pm
अमृत काल10:58 pm – 12:27 am (शुक्र)
निशिता मुहूर्त10:59 pm – 11:47 pm
आडल योग1:57 am – 5:26 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमतुला
चन्द्र बलचन्द्र वृषभ में — शुभ: वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
तारा बलचन्द्र रोहिणी में, 1:57 am (शुक्र) तक — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र मृगशिरा में, 1:57 am (शुक्र) से — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासआश्विन
तमिल तिथिपुरट्टासि 15, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083