पंचांग के पाँच अंग
तिथिपंचमी · 12:55 am (शुक्र) तक
षष्ठी · 3:24 am (शुक्र) तक
नक्षत्रज्येष्ठा · 4:17 am (शुक्र) तक
मूल · पूरे दिन
योगसौभाग्य · 6:45 pm तक
शोभन · 7:35 pm (शुक्र) तक
करणबव · 11:46 am तक
बालव · 12:55 am (शुक्र) तक
कौलव · 2:08 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त3:52 am – 4:42 am
प्रातः सन्ध्या4:17 am – 5:32 am
यमगण्ड5:32 am – 6:59 am
वर्ज्य7:47 am – 9:34 am
गुलिक काल8:25 am – 9:52 am
दुर्मुहूर्त9:23 am – 10:10 am
अभिजित मुहूर्त10:56 am – 11:42 am
राहु काल12:46 pm – 2:13 pm
विजय मुहूर्त1:15 pm – 2:01 pm
दुर्मुहूर्त2:01 pm – 2:47 pm
गोधूलि मुहूर्त5:06 pm – 5:31 pm
सायाह्न सन्ध्या5:06 pm – 6:21 pm
अमृत काल6:29 pm – 8:16 pm
निशिता मुहूर्त10:54 pm – 11:44 pm
विडाल योग4:17 am – 5:32 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टममेष, 4:17 am (शुक्र) तक
वृषभ
चन्द्र बलचन्द्र वृश्चिक में, 4:17 am (शुक्र) तक — शुभ: वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ
चन्द्र धनु में, 4:17 am (शुक्र) से — शुभ: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
तारा बलचन्द्र ज्येष्ठा में, 4:17 am (शुक्र) तक — शुभ: अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र मूल में, 4:17 am (शुक्र) से — शुभ: भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासआश्विन
तमिल तिथिपुरट्टासि 29, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083