पंचांग के पाँच अंग
तिथिप्रतिपदा · 4:37 pm तक
द्वितीया · 12:56 pm (शुक्र) तक
नक्षत्रआर्द्रा · 3:17 pm तक
पुनर्वसु · 12:20 pm (शुक्र) तक
योगब्रह्म · 9:58 pm तक
इन्द्र · 5:46 pm (शुक्र) तक
करणकौलव · 4:37 pm तक
तैतिल · 2:45 am (शुक्र) तक
गर · 12:56 pm (शुक्र) तक
वारगुरुवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त5:48 am – 6:49 am
प्रातः सन्ध्या6:18 am – 7:49 am
यमगण्ड7:49 am – 8:56 am
आडल योग7:49 am – 3:17 pm
गुलिक काल10:03 am – 11:10 am
दुर्मुहूर्त10:48 am – 11:23 am
अभिजित मुहूर्त11:59 am – 12:35 pm
राहु काल1:24 pm – 2:31 pm
विजय मुहूर्त1:46 pm – 2:22 pm
दुर्मुहूर्त2:22 pm – 2:57 pm
विडाल योग3:17 pm – 7:49 am (शुक्र)
गोधूलि मुहूर्त4:45 pm – 5:15 pm
सायाह्न सन्ध्या4:45 pm – 6:15 pm
निशिता मुहूर्त11:47 pm – 12:47 am (शुक्र)
वर्ज्य1:48 am – 3:12 am (शुक्र)
आज और
चन्द्राष्टमवृश्चिक, 7:03 am (शुक्र) तक
धनु
चन्द्र बलचन्द्र मिथुन में, 7:03 am (शुक्र) तक — शुभ: मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चन्द्र कर्क में, 7:03 am (शुक्र) से — शुभ: वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
तारा बलचन्द्र आर्द्रा में, 3:17 pm तक — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र पुनर्वसु में, 3:17 pm से — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलदक्षिण, उपाय तेल
पक्षकृष्ण पक्ष
चान्द्र मासपौष
तमिल तिथिमार्गऴि 9, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083