पंचांग के पाँच अंग
तिथिपंचमी · 11:54 am तक
षष्ठी · 2:31 pm (रवि) तक
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · 8:54 am तक
उत्तराषाढ़ा · 11:58 am (रवि) तक
योगशूल · 6:52 pm तक
गण्ड · 7:46 pm (रवि) तक
करणबालव · 11:54 am तक
कौलव · 1:14 am (रवि) तक
तैतिल · 2:31 pm (रवि) तक
वारशनिवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:46 am – 5:42 am
प्रातः सन्ध्या5:14 am – 6:39 am
गुलिक काल6:39 am – 7:53 am
दुर्मुहूर्त6:39 am – 7:18 am
दुर्मुहूर्त7:18 am – 7:57 am
विडाल योग8:54 am – 6:40 am (रवि)
राहु काल9:06 am – 10:20 am
अभिजित मुहूर्त11:15 am – 11:54 am
यमगण्ड12:48 pm – 2:02 pm
विजय मुहूर्त1:13 pm – 1:52 pm
गोधूलि मुहूर्त4:30 pm – 4:58 pm
सायाह्न सन्ध्या4:30 pm – 5:55 pm
वर्ज्य5:55 pm – 7:44 pm
निशिता मुहूर्त11:07 pm – 12:03 am (रवि)
अमृत काल4:45 am – 6:33 am (रवि)
आज और
चन्द्राष्टमवृषभ, 3:41 pm तक
मिथुन
चन्द्र बलचन्द्र धनु में, 3:41 pm तक — शुभ: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
चन्द्र मकर में, 3:41 pm से — शुभ: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
तारा बलचन्द्र पूर्वाषाढ़ा में, 8:54 am तक — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र उत्तराषाढ़ा में, 8:54 am से — शुभ: भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासकार्तिक
तमिल तिथिऐप्पसि 29, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083