पंचांग के पाँच अंग
तिथिसप्तमी · 4:49 pm तक
अष्टमी · 6:35 pm (मंगल) तक
नक्षत्रश्रवण · 2:46 pm तक
धनिष्ठा · 5:04 pm (मंगल) तक
योगवृद्धि · 8:23 pm तक
ध्रुव · 8:35 pm (मंगल) तक
करणवणिज · 4:49 pm तक
विष्टि · 5:47 am (मंगल) तक
बव · 6:35 pm (मंगल) तक
वारसोमवार
आज के सभी समय
ब्रह्म मुहूर्त4:47 am – 5:44 am
प्रातः सन्ध्या5:16 am – 6:41 am
राहु काल7:54 am – 9:08 am
यमगण्ड10:21 am – 11:35 am
अभिजित मुहूर्त11:15 am – 11:54 am
दुर्मुहूर्त11:54 am – 12:33 pm
गुलिक काल12:48 pm – 2:02 pm
विजय मुहूर्त1:13 pm – 1:52 pm
दुर्मुहूर्त1:52 pm – 2:31 pm
आडल योग2:46 pm – 6:42 am (मंगल)
गोधूलि मुहूर्त4:28 pm – 4:57 pm
सायाह्न सन्ध्या4:28 pm – 5:54 pm
भद्रा4:49 pm – 5:47 am (मंगल)
वर्ज्य7:09 pm – 8:55 pm
निशिता मुहूर्त11:07 pm – 12:04 am (मंगल)
अमृत काल5:41 am – 7:26 am (मंगल)
आज और
चन्द्राष्टममिथुन, 4:00 am (मंगल) तक
कर्क
चन्द्र बलचन्द्र मकर में, 4:00 am (मंगल) तक — शुभ: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
चन्द्र कुम्भ में, 4:00 am (मंगल) से — शुभ: मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ
तारा बलचन्द्र श्रवण में, 2:46 pm तक — शुभ: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
चन्द्र धनिष्ठा में, 2:46 pm से — शुभ: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
दिशा शूलपूर्व, उपाय दही
पक्षशुक्ल पक्ष
चान्द्र मासकार्तिक
तमिल तिथिकार्तिगै 1, पराभव
संवत्सरशक 1948 · विक्रम 2083